अहमद फ़राज़
#12jan #25aug महान शायर अहमद फ़राज़ के यौम-ए-वफ़ात पर दिली खिराज़-ए-अकीदत 🎂अहमद फ़राज़ की पैदाइश 12 जनवरी 1931 (कुछ लोगों ने इनकी पैदाइश का साल 1934 भी बताया है) ⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 25 अगस्त 2008, इस्लामाबाद, पाकिस्तान कितना आसाँ था तेरे हिज्र में मरना जानाँ फिर भी इक उम्र लगी जान से जाते जाते झेले हैं जो दुःख तूने ‘फ़राज़’ अपनी जगह हैं पर तुम पे जो गुज़री है वो औरों से कम है घर से निकले थे कि दुनिया ने पुकारा था ‘फ़राज़’ अब जो फुर्सत मिले दुनिया से तो घर जाएँ कहीं उंगलियाँ आज तक इसी सोच में गुम हैं “फ़राज़” उसने कैसे नए हाथ को थामा होगा जब भी दिल खोल के रोए होंगे, लोग आराम से सोए होंगे वो सफ़ीने जिन्हें तूफ़ाँ न मिले, नाख़ुदाओं ने डुबोए होंगे तुम तक़ल्लुफ़ को भी इख़लास समझते हो ‘फ़राज़’ दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला जी में जो आती है कर गुज़रो कहीं ऐसा न हो कल पशेमाँ हों कि क्यों दिल का कहा माना नहीं वो ज़िन्दगी हो कि दुनिया ‘फ़राज़’ क्या कीजे कि जिससे इश्क़ करो बेवफ़ा निकलती है ज़िन्दगी पर इससे बढ़कर तंज़ क्या होगा ‘फ़राज़’, उसका ये कहना कि तू शायर है, दीवाना नहीं। बहुत अजीब है ये...