मुकरी

#05jan #04sep
मुकरी 
🎂05 जनवरी 1922
उरण , बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत
⚰️04 सितम्बर 2000 
(आयु 78 वर्ष)
मुंबई , महाराष्ट्र , भारत
पेशा
अभिनेता
जीवनसाथी
मुमताज
रिश्तेदार
नसीम मुकरी (बेटी)
उरण में कोकानी मुस्लिम परिवार में मुहम्मद उमर मुकरी के रूप में जन्मे । उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1945 में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के साथ फिल्म प्रतिमा से की । वे पहले एक साथ स्कूल के साथी थे। इसके बाद 50 साल के करियर में उन्होंने 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 

भारतीय सिनेमा में छह दशकों से भी अधिक समय में मुकरी ने अपनी दंतहीन मुस्कान, छोटे कद और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से 600 से अधिक फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन किया । 

उनकी उल्लेखनीय फ़िल्में हैं मदर इंडिया (1957), शराबी (1984), अमर अकबर एंथोनी (1977), लावारिस (1981), बॉम्बे टू गोवा (1972), गोपी (1970), कोहिनूर (1960) और कई अन्य।

फिल्मों में उनका करियर दिलीप कुमार के समानांतर चला , जो उनके सहपाठी थे। उन्होंने बॉम्बे टॉकीज की फिल्म प्रतिमा से अपनी शुरुआत की, जो अभिनेता पी. जयराज के निर्देशन में बनी पहली फिल्म भी थी । फिल्म उद्योग में आने से पहले मुकरी ने काजी के रूप में काम किया था।
मुकरी का 4 सितंबर 2000 को 78 साल की उम्र में दिल का दौरा और किडनी फेल होने के कारण मुंबई के लीलावती अस्पताल में निधन हो गया। उनके आजीवन मित्र और सहपाठी अभिनेता दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो उनके निधन के समय मौजूद थे। अभिनेता सुनील दत्त भी कभी-कभार मुकरी से मिलने अस्पताल जाते रहे हैं। मुकरी की सबसे बड़ी बेटी नसीम मुकरी भी वहां मौजूद थीं और उन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। 

जॉनी वॉकर, जिन्होंने कम से कम 15 फिल्मों में मुकरी के साथ काम किया, याद करते हुए कहते हैं, "शेख मुख्तार के साथ उनकी बहुत अच्छी जोड़ी थी - एक बहुत लंबी थी और एक बहुत छोटी थी - वे एक साथ बहुत अच्छे लगते थे और एक अच्छी जोड़ी बनाते थे। उन्हें लॉरेल और के नाम से जाना जाता था हार्डी।"
मूंछें हो तो नत्थू लाल जैसी वरना ना हों...फिल्म शराबी में अमिताभ बच्चन का बोला यह डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। यह मशहूर संवाद अभिनेता मोहम्मद उमर मुकरी पर फिल्माया गया था। फिल्मों में अपनी कॉमेडी से सभी को हंसाने वाले मुकरी परदे पर जिन्हें देखते ही दर्शकों के होंठों पर मुस्कुराहट आ जाती थी ऐसे ही एक शख्स थे मोहम्मद उमर मुकरी। चार फुट कद के गोल-मटोल मुकरी ने 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी भूमिका चाहे छोटी ही क्यों ना रही, लेकिन दर्शकों को हंसाने में उन्होंने कभी कंजूसी नहीं की। उस दौरान बड़े से बड़ा स्टार भी मुकरी की हास्य प्रतिभा का कायल था। दिलीप कुमार, सुनील दत्त, राज कपूर, देवानंद, संजीव कुमार, प्राण ही नहीं बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन से भी उनकी गहरी यारी रही।
नमक हलाल में इन्हीं की प्रेरणा से अमिताभ ने बोली इंग्लिश

कहा तो यह भी जाता है कि अमिताभ बच्चन ने मुकरी से लोगों को हंसाने के गुर सीखे थे। मुकरी को इंग्लिश नहीं आती थी। लेकिन वे बड़े आत्मविश्वास से इंग्लिश के शब्द बोलते थे। मुकरी ये यह अंदाज अमिताभ ने सीखा और इसे नमक हलाल में दर्शाया। जी हां, फिल्म में.. इंग्लिश इज ए फन्नी लैंग्वेज, आई कैन टाक इंग्लिश, आई कैन वाक इंग्लिश... जैसे संवाद बोलकर अमिताभ ने खूब वाहवाही लूटी। यह सब मुकरी की प्रेरणा से उन्होंने किया।

Comments

Popular posts from this blog

देव कुमार

नीरज वोरा (जनम)

राजेश विवेक (जनम)