मनमोहन (जनम)

मोहन 🎂28 जनवरी, 1933 ⚰️26 अगस्त, 1979
मोहन
28 जनवरी, 1933
जमशेदपुर , बिहार और उड़ीसा प्रांत , ब्रिटिश भारत
मृत
26 अगस्त, 1979 (आयु 46)
जमशेदपुर , भारत
राष्ट्रीयता
भारतीय
व्यवसाय
अभिनेता, निर्माता
सक्रिय वर्ष
1963–1979
के लिए जाना जाता है
गुमनाम , आंधी
बच्चे
नितिन मनमोहन ( निर्माता )
उनका जन्म और पालन-पोषण जमशेदपुर में हुआ। मनमोहन एक संपन्न परिवार से थे, जिनका अपना खुद का व्यवसाय था। अपने अन्य तीन भाइयों से बिल्कुल अलग, उन्हें बचपन से ही अभिनेता बनने का बहुत शौक था। उनके बेटे नितिन मनमोहन एक निर्माता हैं, जिन्होंने 
बोल राधा बोल (1992), लाडला (1994), 
दीवानगी (2001) 
भूत (2003) 
जैसी फ़िल्में बनाई हैं।
1950 में वे बंबई आए और शंकर-जयकिशन , भप्पी सोनी और जीपी सिप्पी जैसी तत्कालीन हस्तियों से मिले । जयकिशन के साथ उनके घनिष्ठ संबंध ने उन्हें केवल कश्यप से परिचित कराया जिन्होंने उन्हें अपनी पहली फिल्म शहीद में कास्ट किया । वे भप्पी सोनी की सभी फिल्मों में भी थे। भप्पी सोनी के ज़रिए उनकी मुलाकात शक्ति सामंत, प्रमोद चक्रवर्ती और मनोज कुमार से हुई । फिर उन्हें एनएन सिप्पी की फिल्म गुमनाम मिली । 70 के दशक में वे अपने अभिनय करियर के शीर्ष पर थे।

🎥1963 ये रास्ते हैं प्यार के
1965 
जीवन और मृत्यु 
शहीद 
जानवर 
1966 
मेरा साया : ... 
ये जिंदगी कितनी खूबसूरत है 
नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे
मोहब्बत जिंदगी है
Gumnaam
1967 
उपकार 
परिवार  
नौनिहाल 
आग
1968
 ब्रह्मचारी 
बाज़ी  
आखेट 
परिवार 
कहीं दिन कहीं रात 
औलाद
1969
 बंदिश 
आराधना 
विश्वास 
तुमसे अच्छा कौन है 
सत्यकाम 
प्यार ही प्यार 
दो भाई 
धरती कहे कॉल के
1970
 प्रेम पुजारी  
हीर रांझा 
पूरब और पछिम 
परदेसी 
महाराजा 
हमजोली 
आँसू और मुस्कान
1971
एक दिन आधी रात 
प्रीतम 
नया ज़माना 
मेरा गांव मेरा देश 
लड़की पसंद है 
कठपुतली 
दुनिया क्या जाने
1972
कांच और हीरा 
अमर प्रेम
मुंबई से गोवा
ललकार
एक नजर
मेरा यार
शोर
राजा जानी (लपट सेठ)
डबल क्रास
1973
राजा रानी (शंकर दादा)2
आवारा 
अनहोनी 
टैग: प्रेम की एक कविता 
जुगनू 
नमक हराम 
सरफराज बुदमाश 
जलते बदन 
हीरा पन्ना 
घाडर 
गाय और गोरी 
छलिया 
क्यूंकि अडा

1974 
गीता मेरा नाम  
प्रेम नगर 
अनंत राहें 
अजनाबी 
रोटी के बर्तन और मकान 
राजा काका 
जीवन बेट 
हमशक्ल 
दिल दीवाना 
चरित्रहीन
1975
 रफू चक्कर 
आँधी 
अमानुष 
वंदना 
उमर कयाद
1976 
एक से बढ़ा एक 
जिंदगी 
महा चोर
आज का महात्मा
1977 
धूप छांव
छैला बाबू 
कोतवाल साब 
ववे पुर्जा : ... 
हत्यारा
1978
 जालना 
चोर के घर चोर 
देखो नं.11
1979 
सरकारी मेहमान 
जानदार 
बेडस
1980 
बे-रहमान 
नियत
1981
क्रांति
1983 दौलत के दुश्मन 
1986 तीसरा भाग 
1990 जान-ए-वफ़ा

अभी काफी फिल्मे बाकी है यह सूची अधूरी है

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