शंकर दास गुप्ता (जन्म)
शंकर दासगुप्ता 🎂1जनवरी 1927⚰️ 23 जनवरी 1992
बंगाल में साल 1927 में जन्में मशहूर गायक शंकर दासगुप्ता ने 39 फिल्मों के लिए 63 गाने चुके हैं। शंकर दासगुप्ता को उनकी आवाज और अलग तरह के गानों के लिए जाना जाता है।
भारतीय सिनेमा के जाने-माने गायक शंकर दासगुप्ता को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए: एक श्रद्धांजलि
शंकर दासगुप्ता
एक गायक और संगीत निर्देशक थे। उन्होंने 39 फिल्मों में 63 गाने गाए हैं और 18 गानों वाली 3 फिल्मों के लिए संगीत दिया है। सुरेश सरवैया द्वारा संकलित।
शंकर दासगुप्ता का जन्म वर्ष 1927 में बंगाल प्रेसीडेंसी, अविभाजित भारत (अब पश्चिम बंगाल) में हुआ था।
उन्हें बचपन से ही संगीत में रुचि थी, एक ऐसा गुण जिसे उनकी माँ ने पहचाना और उन्हें अपनी रुचियों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। आठ साल की उम्र से ही, युवा शंकर ने शास्त्रीय संगीत का औपचारिक प्रशिक्षण और अभ्यास शुरू कर दिया था।
शंकर दासगुप्ता ने एक गायक के रूप में अपना करियर फिल्म मिलन (1946) से शुरू किया, जिसमें अनिल बिस्वास ने संगीत दिया था। 'शीशे की दीवार' (1954) में उनका गाना 'दिल की लागी को कोई ना जाने...' बहुत लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उन्हें गाने गाने का ऑफर मिला। उनके लोकप्रिय गाने हैं 'करके मजबूर कहां ले आई हो...' शीशे जी दीवार (1954), 'रोटी बिना जीवन है...' दो रोटी (1957), खटमल आन बसो खतियान में...' लकी नंबर (1961), "राम दुहाई छोड़ कलयी..." अंधेर नगरी चौपट राजा (1955), "हम क्यों बताएं तुमसे..." जान पहचान (1950) और भी बहुत कुछ।
बाद में शंकर दासगुप्ता ने टीवी और समाचार चैनलों के लिए काम किया। उन्होंने संगीत निर्देशक अनिल बिस्वास और जयदेव के साथ सहायक के रूप में भी काम किया है।
सेवानिवृत्ति के बाद शंकर दासगुप्ता इंग्लैंड में बस गए। कहा जाता है कि शंकर दासगुप्ता किसी काम से मुंबई आए थे लेकिन दुर्भाग्यवश 23 जनवरी 1992 को एक ट्रेन दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
🎬 गायक के रूप में शंकर दासगुप्ता की फिल्मोग्राफी -
1946 मिलान और डरबन
1948 साजन का घर, रामबाण, हम भी इंसान हैं,
दीदी, चार दिन की चांदनी, अंजना और अफसाना 1949 सुमित्रा, जीत, गर्ल्स स्कूल और दौलत
1950 जन पहचान, बेबस और आहुति
1952 इज्जत, दो रहा और बदनाम
1953 रामी धोबन, मेहमान, हुस्न का चोर,
गुल सनोबर, बागी और आकाश
1954 शीशे की दीवार, समाज, नौकरी, ख़ुशी
ख़ुशबू और अधिकार
1955 अंधेर नगरी चौपट राजा
1956 चांद
1957 दो रोटी
1959 पिया
1960 मिस्टर सुपरमैन की वापसी
दिल भी तेरा हम भी तेरे
1961 भाग्यशाली अंक
1962 कहीं दिन कहीं रात
1982 चलती का नाम जिंदगी
▪️एक संगीत निर्देशक के रूप में -
1954 शीशे की दीवार
सदमा
1956 होटल
🎧 शंकर दासगुप्ता के चयनित गीत -
▪️तुम बसो श्याम मोरे... रामी धोबन (1953) सीता अग्रवाल, शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️किसी का दीप जलता है...दीदी (1948) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️आ बिरना मोरे बिरना... समाज (1954) गीता घोष रॉय चौधरी (गीता दत्त), शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️दिल हमको ढूंढता है...मीना कपूर, शंकर दासगुप्ता द्वारा रिटर्न ऑफ मिस्टर सुपरमैन (1960)।
▪️तुम एक नज़र देख चुके... दौलत (1949) शंकर दासगुप्ता, ज़ोहराबाई अम्बालेवाली द्वारा
▪️तुम जानो मन की पीड़ा... चांद (1956) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️तेरी महफ़िल में...आकाश (1953) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️अजीब है जिंदगी की मंजिल... आकाश (1953) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️दिल के बस में है जहां... आहुति (1950) गीता घोष रॉय चौधरी (गीता दत्त), शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️लहरों से खेले चंदा... आहुति (1950) गीता घोष रॉय चौधरी द्वारा (गीता दत्त), शंकर दासगुप्ता
▪️ऊपर है बदरिया कारी... मिलन (1946) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️सूरज जग धरती जगी...अंजना (1948) गीता घोष रॉय चौधरी (गीता दत्त), शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️कहो जी हम कब तक काँवरे...अंधेर नगरी चौपट राजा (1955) शंकर दासगुप्ता, सुधा मल्होत्रा द्वारा
▪️राखी का मौसम आया रे... जीने दो (1948) गीता घोष रॉय चौधरी (गीता दत्त), शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️हम क्या बताएं तुमसे.... जान पहचान (1950)। शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️दुख से भरा हुआ है दिल... जान पहचान (1950) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️बार-बार तुम सोच रही हो... गर्ल्स स्कूल (1949) लता मंगेशकर, शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️चाहे कितनी कथिन डगर हो... जीत (1949) शंकर दासगुप्ता, सुरैया जमाल शेख (सुरैया) द्वारा
▪️चला आ मेरी महफ़िल में... गुल सनोबर (1953) आशिमा बनर्जी, इरा मजूमदार, शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️सुनलो अजी सुनलो... दो रोटी (1957) शंकर दासगुप्ता, सुमन कल्याणपुर द्वारा
▪️जब आ ही गए है...कहीं दिन कहीं रात (1968) आशा द्वारा भोसले, बद्रीनाथ पवार, महेंद्र कपूर, शंकर दासगुप्ता
▪️आज इसकी है... दिल भी तेरा हम भी तेरे (1960) शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️ये मोहब्बत क्या... चलती का नाम जिंदगी (1982) आशा भोसले, दिलराज कौर, किशोर कुमार, शंकर दासगुप्ता द्वारा
▪️माटी कहे कुम्हार...अधिकार (1954) शंकर दासगुप्ता
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